आजु देखी मर रहल संसार बा

गणेश नाथ तिवारी "विनायक" 2 Subscribers
Subscribe
@ganesh-nath-tiwari • 25 Views • 9 अप्रैल, 2026

आजु देखी मर रहल संसार बा।
का कहीं लाचार ई सरकार बा।।

ध्यान राखीं देहिया के काम बा।
आन से आशा कइल बेकार बा।।

जाति के चरचा करा के आदमी।
देखि ली कतना करत तकरार बा।।

लोग के लागे कि हमरा ज्ञान बा।
आजु इनका आदमी दरकार बा

Purvaiya
गणेश नाथ तिवारी "विनायक" @ganesh-nath-tiwari

आजु देखी मर रहल संसार बा।
का कहीं लाचार ई सरकार बा।।

ध्यान राखीं देहिया के काम बा।
आन से आशा कइल बेकार बा।।

जाति के चरचा करा के आदमी।
देखि ली कतना करत तकरार बा।।

लोग के लागे कि हमरा ज्ञान बा।
आजु इनका आदमी दरकार बा

0 प्रतिक्रियाएं