ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान पिछले कुछ दिनों से अपने एक इंटरव्यू को लेकर सुर्ख़ियों में थे। मामला इतना बढ़ गया कि इसमें राजनीति और फिल्म जगत के बड़े नाम कूद पड़े। अब रहमान ने खुद सामने आकर एक वीडियो संदेश के जरिए अपना पक्ष साफ़ कर दिया है।
क्या था पूरा बवाल?
सारा फसाद शुरू हुआ एआर रहमान के BBC एशियन नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू से। इस इंटरव्यू में रहमान ने फिल्म इंडस्ट्री में काम न मिलने और भेदभाव (Discrimination) को लेकर कुछ ऐसी बातें कह दीं, जिस पर जोरदार बहस छिड़ गई।
- भेदभाव का एंगल: रहमान ने इंडस्ट्री में ‘सांप्रदायिक बहिष्कार’ जैसी चर्चाओं का ज़िक्र किया था और बताया था कि पिछले कुछ सालों में उन्हें हिंदी फिल्मों में कम काम मिल रहा है।
- जवाबी हमला: इस बयान पर कंगना रनौत ने उन्हें “पूर्वाग्रही” बताया, तो वहीं जावेद अख़्तर ने इंडस्ट्री में किसी भी तरह के धार्मिक भेदभाव से साफ़ इनकार कर दिया।
रहमान ने अब क्या सफाई दी?
विवाद बढ़ता देख रहमान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उनके बयान की बड़ी बातें ये हैं:
- इरादा नेक था: रहमान ने कहा कि कभी-कभार किसी की नीयत को गलत समझा जा सकता है, लेकिन उनका मकसद हमेशा संगीत के जरिए सम्मान देना और सेवा करना रहा है।
- भारत मेरा गुरु: उन्होंने दो टूक कहा, “भारत मेरी प्रेरणा है, मेरा गुरु है और मेरा घर है”।
- अभिव्यक्ति की आज़ादी: संगीतकार ने जोर देकर कहा कि उन्हें भारतीय होने पर गर्व है क्योंकि यह पहचान उन्हें अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की आज़ादी देती है।
- किसी को दुखाने की मंशा नहीं: उन्होंने साफ़ किया कि उनकी इच्छा कभी भी किसी को दु:ख पहुँचाने की नहीं रही और उन्हें उम्मीद है कि लोग उनकी ईमानदारी को महसूस करेंगे।
सियासी तड़का: महबूबा मुफ़्ती Vs जावेद अख़्तर
इस विवाद में राजनीति की एंट्री तब हुई जब जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ़्ती रहमान के समर्थन में खड़ी हो गईं।
- मुफ़्ती ने जावेद अख़्तर पर निशाना साधते हुए कहा कि रहमान की चिंताओं को खारिज करना ज़मीनी हकीकत को नकारने जैसा है।
- उन्होंने अख़्तर को उनकी पत्नी शबाना आज़मी के उस पुराने वाकये की याद दिलाई जब उन्हें मुस्लिम होने के कारण मुंबई में घर मिलने में भारी दिक्कत हुई थी।
बड़ी बात क्या है?
रहमान ने अपने संदेश का अंत “जय हिन्द, जय हो” के साथ करके यह साफ़ कर दिया है कि उनके लिए देश की पहचान और संगीत की सेवा ही सबसे ऊपर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बीते कल को सम्मान देते हुए भविष्य को प्रेरित करने वाले संगीत के प्रति प्रतिबद्ध हैं।



