मुंबई मेयर चुनाव: बीजेपी की ताकत और शिंदे की ‘चाबी’, समझिए पूरा गणित

मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनावी दंगल के नतीजे आ चुके हैं और अब असली खेला शुरू हुआ है ‘मेयर’ की कुर्सी को लेकर. इस बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान देकर साफ कर दिया है कि मुंबई की गद्दी पर किसका कब्जा होगा.

‘नंबर 1’ और ‘किंगमेकर’ का गणित

शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ-साफ कह दिया कि भाजपा सूबे में नंबर एक पार्टी है, लेकिन शिवसेना भी किसी से कम नहीं. उन्होंने कहा कि बालासाहेब के आशीर्वाद और पीएम मोदी के विजन के साथ उनकी पार्टी बहुत कम समय में एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है.

आंकड़ों की बाजीगरी समझिए:

  • भाजपा: 89 सीटें (सबसे बड़ी पार्टी)
  • शिवसेना (शिंदे): 29 सीटें (तीसरे नंबर की ताकत)
  • महायुति का समीकरण: दोनों मिलकर बहुमत का जादुई आंकड़ा पार कर चुके हैं.

यही वजह है कि शिंदे अब ‘किंगमेकर’ की भूमिका में हैं. उन्होंने डंके की चोट पर कह दिया है कि— “मुंबई का अगला मेयर ‘महायुति’ का ही होगा.”

पार्षदों को ‘क्लास’ और लाडकी बहिन का ‘क्रेज’

चुनाव जीतने के बाद पार्षद हवा में न उड़ें, इसके लिए शिंदे ने सख्त हिदायत भी दे दी है. उन्होंने नए नवेले नगरसेवकों से कहा “जनता की नजर आपके चाल-चलन और बोलचाल पर है. ध्यान रहे, कहीं भी कोई गलती या दामन पर दाग न लगे. अब अपने प्रभाग में जाइए और काम में जुट जाइए.”

शिंदे ने इस जीत का क्रेडिट अपनी मास्टरस्ट्रोक योजना ‘लाडकी बहिन’ को दिया. उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी से जीतीं 29 में से 19 पार्षद महिलाएं हैं, यानी ‘लाडकी बहनों’ ने शिंदे का हाथ मजबूती से थाम रखा है.

आत्ममंथन और आगे की राह

भले ही महायुति जीत गई हो, लेकिन शिंदे ने यह भी माना कि जहां कमियां रह गई हैं, वहां ‘आत्ममंथन’ किया जाएगा. सोमवार को होने वाली बैठकों का दौर जारी है और फोकस अब सिर्फ एक ही चीज पर है— मुंबई का विकास.

चलते-चलते: अब देखना ये होगा कि मेयर की कुर्सी पर भाजपा का चेहरा बैठता है या शिंदे अपनी ‘किंगमेकर’ वाली ताकत का इस्तेमाल कर कोई नया दांव खेलते हैं.

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