नमस्ते! हम हैं पुरवइया।
कहने को तो हम एक डिजिटल मीडिया पोर्टल हैं, लेकिन असल में हम भोजपुरी की उस ‘बौद्धिक क्रांति’ का नाम हैं, जिसका इंतज़ार बरसों से था। अगर आप यहाँ सिर्फ नाच-गाना या मसालेदार खबरें ढूँढने आए हैं, तो माफ़ कीजियेगा—आप गलत पते पर आ गए हैं। लेकिन, अगर आप तलाश में हैं ऐसी खबरों की जो आपके दिमाग की बत्ती जला दे, तो यकीन मानिए—आप एकदम सही जगह पर हैं।
हम क्या करते हैं?
हम खबर सिर्फ सुनाते नहीं हैं, हम खबर को परत-दर-परत उधेड़ते हैं। हमारा दायरा बहुत बड़ा है:
- राजनीति (Politics): सत्ता के गलियारों में क्या पक रहा है और उसका आपकी जेब और जीवन पर क्या असर होगा, हम इसका पूरा हिसाब देते हैं।
- टेक्नोलॉजी (Tech): दुनिया चाँद-तारों पर पहुँच रही है, नए-नए गैजेट्स आ रहे हैं। हम इन जटिल चीज़ों को आपकी अपनी भाषा में आसान बनाकर पेश करते हैं।
- साहित्य (Literature): ‘पुरवइया’ के दिल में साहित्य बसता है। हम कवियों, लेखकों और उनकी कालजयी रचनाओं को एक नया मंच देते हैं।
- मनोरंजन (Entertainment): यहाँ गॉसिप नहीं, सिनेमा की कला और उसके पीछे की मेहनत पर बात होती है।
हमारी सोच (Our Vision)
अक्सर भोजपुरी को एक खास दायरे में समेट दिया जाता है। ‘पुरवइया’ उस दायरे को तोड़ने निकला है। हमारा मानना है कि भोजपुरी सिर्फ एक भाषा नहीं, एक समृद्ध संस्कृति और एक गहरी सोच है। हम ‘New-Age Media’ के टूल्स का इस्तेमाल करके भोजपुरी को वो ग्लोबल पहचान दिलाना चाहते हैं, जिसकी वह हकदार है।
क्यों देखें ‘पुरवइया’?
क्योंकि हम किसी के पक्ष में नहीं, बल्कि आपके पक्ष में खड़े होते हैं। हमारी खबरों में मिर्च-मसाला कम और तथ्य (Facts) ज़्यादा होते हैं। हम कड़वे सवाल पूछने से नहीं कतराते और मीठी बातों में सच को दबने नहीं देते।



