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Chetna Pandey
कहीं चूल्हे पे अदहन खौलता है-चेतना पाण्डेय
जनवरी 17, 2026
कवयित्री बताती हैं कि खुशियाँ और राहत सबको बराबर नहीं मिलतीं, और जब दिल बुझा हुआ हो तो सावन जैसी ऋतु भी भीतर बेचैनी पैदा कर देती है
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