कुंवर नाज़ुक भोजपुरी आ हिंदी साहित्य के एगो संवेदनशील रचनाकार हईं। इनकर असली नाम धर्मेन्द्र कुमार बा। कविता आ ग़ज़ल के माध्यम से जीवन के अनुभूति, मन के भाव आ समाज के विविध रंग के शब्द देवे के प्रयास करेलन। साहित्य के साथे चित्रकारी में भी इनकर विशेष रुचि बा।
इनकर रचनन के प्रकाशन प्रेरणा अंशु, हाशिए की आवाज, संझवत जइसन कईगो साहित्यिक पत्रिका में हो चुकल बा। हिंदी में इनकर एगो ग़ज़ल संग्रह ‘कंवारे सज़दे’ अंजुमन प्रकाशन, प्रयागराज से प्रकाशित बा। हालांकि अबहीं ले एह किताब के औपचारिक विमोचन नइखे भइल आ ना ही एकर व्यापक प्रचार-प्रसार हो पवले बा।
साहित्य आ कला के प्रति लगाव के साथे कुंवर नाज़ुक लगातार रचनात्मक यात्रा में लागल बाड़ें। इनकर लेखन आ चित्रकारी दुनो में संवेदना आ सृजनशीलता के झलक मिलेला।
- तखल्लुस: कुंवर नाज़ुक
- असली नाम: धर्मेन्द्र कुमार
- जन्म तिथि: 20 मार्च, 1989
- पिताजी: श्रद्धेय श्री सर्जुन
- माताजी: श्रद्धेया शीला देवी
- शैक्षणिक योग्यता: स्नातक (बी.ए.)
- रचनात्मक विधा: कविता, ग़ज़ल
- विशेष रुचि: चित्रकारी
- प्रकाशित पुस्तक: कंवारे सज़दे (हिंदी ग़ज़ल संग्रह)
- प्रकाशक: अंजुमन प्रकाशन, प्रयागराज
- प्रकाशन: प्रेरणा अंशु, हाशिए की आवाज, संझवत सहित कई साहित्यिक पत्रिकन में रचनाएँ प्रकाशित।
संपर्क सूत्र
- गाँव/पोस्ट: एवंती
- जिला: चंदौली, उत्तर प्रदेश – 232106
- दूरभाष: 9506427720
- ई-मेल: kunwarnazuk@gmail.com