अ
चाँदनी रात।
गमछा।
हथेली।
अकड़ना।
दादी।
खाँसी।
उमस से परेशान।
ओस के बूंद।
गमछा।
कौनों काम के समय से पहिले ही कइल (Early)।
रखवाला।
कुल्ला करना।
उलझन या कौनों झमेला।
फंस जाना या उलझल।
फंसा हुआ।
सुस्ती या काम में मन न लागल।
अचानक।
अंधेरा।
अँधेरी रात।
उबलना।
पौधा।
जिद्द कइल।
आधा।
प्रयास।
बनावटी।
आ
इ
कीड़ा।
ई
उ
ऊ
ऊपर उठाना।
ए
ओ
ओझा का काम।
यंत्र।
सहारा ले के खड़ा होखल।
गीला।
ढका हुआ या छिपा हुआ।
कौनों काम में बचल-खुचल फालतू सामान के ओरचन कहल जाला।
ई एगो सामाजिक शब्द ह जेकर अर्थ होला शिकायत कइल या उलाहना देल। (प्रयोग: ऊ लड़ाई के बाद ओरहन लेके आईं।)
कौनों चीज के खत्म हो जाना।
संतुलन बिगड़ल (झुकाव)।
छुपन-छुपाई।
अनाज साफ करना।
क
अलाव।
पात्र।
किनारा।
दुल्हन।
गुस्सैल।
कभी-कभी।
करो।
ढेर।
कालिख वाला।
एकदम काला।
हिम्मती या सासी आदमी।
हैंडपंप।
सुपारी।
कच्चा।
उपला।
निकालना या कढ़ाई कइल।
गाँव के कुल शक्ति या काली माता।
मिट्टी।
किताब जइसन आकार या कागजी काम।
कंकड़।
किरकिरा।
चाबी।
कीड़ा।
बारीक काट देल या कुचल देल।
मिट्टी कोड़े वाला औजार।
नाम डुबाने वाला।
कोहरा।
दीवार रंगे वाला ब्रश या कूची।
नया मुलायम पत्ता या कोपल।
कोना।
छोटा कोना।
काले रंग का।
कौनों चीज के सड़ल या गला भइल रूप।
दर्द से कराहना।
ख
जिद्दी।
मूर्ख।
खुरचना या कुरेदना।
खुजली।
आवाज या संदेह।
मेहनत।
आम।
खाट।
ई एगो ठेठ शब्द ह जवन लिखल जाए वाला सफेद खड़िया मिट्टी या खास तरह के मिट्टी खातिर प्रयोग होला।
फच्चर।
सूखी घास।
खुरचना।
छठ पूजा के एगो महत्वपूर्ण रस्म अउर प्रसाद।
घास।
सींक।
स्थान।
खिड़की।
लकड़ी के छोटा टुकड़ा।
चिढ़ जाना या गुस्सा होखल।
गुस्सैल।
नाराज होखल या चिढ़ जाना।
गुस्सैल।
लकड़ी के डंडा जवना में पशु बांधल जालें।
मशरूम।
खूँटा।
लकड़ी के छोटा टुकड़ा जवन जमीन में गाड़ल जाला।
औजार।
आवाज।
खुरपी।
पशुवन के पैर के निचला हिस्सा।
जिद्दी या कठोर स्वभाव वाला आदमी।
पशुवन के रहने वाला बाड़ा या घेरल जगह।
पल्लू।
खोखला।
खोखला।
घोंसला।
जूड़ा।
डंडा।
खोदना।
कटोरा।
ग
कान में खुसर-फुसर कइल।
गड्ढा।
मिट्टी कोड़े वाला औजार।
पोटली।
औजार।
शाम के समय जब सूरज डूबे वाला होखे।
आधा पका।
कौनों चीज के गद्दी नियन नरम होखल।
गधा।
पशु।
गले मिलना।
बीमारी।
कीचड़।
गौना कराने वाली।
मिठाई।
कोमल भाग।
गुड़िया।
कपड़ा।
पशुशाला।
नरम।
शोर-शराबा।
ढेला।
गोला।
गेंद।
गेंद का खेल।
घर के पास के खाली जमीन जहाँ कूड़ा या गोबर राखल जाला।
गुफा।
उपला।
चरण स्पर्श या सेवा कइल।
पांव।
पैर के गोड़ कहल जाला।
उत्सव।
पशुशाला।
पशुशाला।
पशुवन के रहे के घर।
मिट्टी।
पइसा जमा करे वाला गुल्लक।
उपला।
चराने वाली।
पूजा।
घ
मिट्टी के घड़ा।
घड़ा।
धंसाना।
बर्तन स्टैंड।
घर जमाई।
घर बनावे खातिर खरीदी गईल जमीन।
घास।
कड़ा धूप के घाम कहल जाला।
गुच्छा।
मिट्टी का छोटा पात्र।
घुंघराला।
मरोड़ा।
धीरे-धीरे रेंगने वाला छोटा कीड़ा।
अरबी की सब्जी।
आग।
बीमारी।
गर्दन।
जीव।
धोखा।
निगल जाना।
नीलगाय।
मूर्ख।
धोखा।
च
चावल के छोटा टुकड़ा।
चौड़ा।
बर्बाद।
चमगादड़।
बाँस के बनल टाट या पर्दा।
गहरा।
गहरा रंग।
व्यंजन।
तमाचा।
झाग।
बैठने की जगह।
डुबाना।
आटा या अनाज के छाने वाला बरतन।
शरारती।
चखना।
हैरान।
मुँह खोलना।
चुटकी।
गीली मिट्टी या कीचड़।
परिचित।
उपला।
उपला।
फटेहाल।
चिल्लाना।
चिमटा।
मिट्टी का टुकड़ा।
चुटकी भर।
चुटकी काटना।
चूड़ी।
पशु आहार।
भर्ता।
चेहरा के चमक या बनावट।
चमकना।
चेहरा पर निखार आवे के अहसास।
चोर।
छ
गमछा।
छंटाई।
व्याकुल।
वजन।
छिड़काव।
छाया।
कौनों चीज के छान के अलग करे के क्रिया।
छप्पर का साया।
छींटा।
बाँस या रस्सी के बनल जालीदार झोला जवना में सामान टांगल जाला।
बिखरा।
छीना हुआ।
पानी या पाउडर के छिड़काव कइल।
जीव।
बेचैन।
खाली।
छड़ी।
नदी के किनारा या रेतीला हिस्सा।
ममता या दया।
ज
यज्ञ।
विजेता।
धागा।
मजबूत।
भारी।
मुरझाया हुआ।
लोहे के जालीदार खिड़की।
अनाज पीसे वाला पत्थर के चक्की। (प्रयोग: जांत के पीसल आटा बहुत निमन लागेला।)
जिंदगी।
हल चलावे के समय बैल के गर्दन पर रखे वाला भारी लकड़ी।
ई खान-पान से जुड़ल शब्द ह। कवनो अइसन भोजन जेके केहू पहिलहीं चख लेले होखे, ओकरा के जुठहा कहल जाला।
खेत नापे वाला लोहा के जंजीर।
भोज या दावत।
जुताई।
जुताई का सामान।
मक्का या मकुआ।
झ
ट
ठ
ड
ढ
कौनों बरतन के ऊपर से ढके वाला ढक्कन।
सुस्त पड़ जाना।
छोड़ देना।
छिपकर घुसना।
घुसना।
मिट्टी के बड़ अउर मज़बूत टुकड़ा के कहल जाला।
ई धान कूट के चावल निकाले वाला लकड़ी के पारंपरिक यंत्र ह। (प्रयोग: पहिले के समय में हर घरे ढेकी रहे।)
कुआं से पानी निकाले वाला पारंपरिक लकड़ी के यंत्र।
बहुत।
त
थ
द
दाँत दिखा के हँसल।
तेज बारिश से भीजल।
दातून।
रोगी।
पकवान।
जुताई।
भोजन अउर जीविका के साधन खातिर प्रयोग कइल जाला।
ई घर के बाहरी बैठक या बरामदा ह जहाँ मेहमान लोग बइठेला।
मिट्टी के दीवार में दीया राखे खातिर बनल ताखा या आला।
छोटा मिट्टी के दीया।
पूजा।
ई शब्द उर्दू से आइल बा, बाकिर भोजपुरी कविता में एकर प्रयोग बात के वजन बढ़ा देवेला। एकर मतलब होला कवनो काम में आवे वाली बाधा
जेकर दो गो मुँह होखे, या अइसन आदमी जे दोहरी बात करे।
मजदूरी।
एक खेल।
ध
न
थोड़ा सा।
नाचने वाला।
नाक का आभूषण।
नाई।
नाक की रस्सी।
बर्बाद।
निकास।
निर्दयी या बेरहम।
ई ठेठ भोजपुरी शब्द ह। कवनो चीज के गुणवत्ता (Quality) बतावे खातिर एकर प्रयोग कइल जाला
नीचे के ओर झुकल।
प्रार्थना कइल या विनती कइल।
नेवला।
नाक का कचरा।
नया अनाज के पहल भोजन।
चारपाई बुने वाला मोटा फीता।
ई शब्द भोजपुरी संस्कृति के जान ह। ‘नेह’ माने स्नेह आ ‘छोह’ माने लगाव या दया। जब केहू से गहिर लगाव होला त ओकरा के ‘नेह-छोह’ कहल जाला।
पशु के पैर बांधे वाली रस्सी ताकि उ लात न मारे।
प
अलग।
कमजोर।
ई बरसात के समय होखे वाला पानी के जमाव या ओमें पनपे वाला एगो खास कीड़ा के कहल जाला।
छड़ी।
पूरी तरह पका।
पशुवन के बांधे वाला मोटा रस्सा।
पशुवन के जुगाली कइल।
थूकना।
खूँटी।
सूखा पत्ता।
तख्ताबंदी।
पटरा या सीधा लकड़ी।
सिंचाई।
पतली लकड़ी।
कचरा।
पतला आदमी।
मिट्टी के छोटा पात्र या बर्तन।
पत्तों की थाली।
नाव।
फीका।
गुस्सा।
पानी।
पानी।
चमड़ा के बनल मज़बूत देहाती जूता।
बच्चा।
आवाज।
पंप।
ढक्कन।
रोटी बेले खातिर लगावल जाए वाला सूखा आटा।
प्रसाद।
आदत पड़ जाना।
जांचना।
खेत के सिंचाई कइल या पानी पटावे के क्रिया।
आयोजन।
भोजन देना।
छोटा पलंग या बच्चा के सुतावे वाला खाट।
पेड़ में निकलल नया अउर कोमल पत्ता।
धूल।
फैलाव या विस्तार कइल।
वजन।
रात में पहरा देवे वाला चौकीदार।
गीली मिट्टी या कीचड़ के पांक कहल जाला।
कतार।
पका हुआ।
मोटी रस्सी।
धार।
भैंस का बच्चा।
चिट्ठी।
पांव।
ई बाँस अउर फूस से बनल झोपड़ी ह। (प्रयोग: पालानी में गर्मी के दिन में खूब निमन हवा लागेला।)
मेहमान।
मिट्टी।
प्यासा।
दर्द।
एक पकवान।
लकड़ी का पटरा।
पकवान।
पूजा।
गुड़िया।
बुजुर्ग लोग जिनकर उमीर ढेर हो गइल होखे.
हड्डी।
बनावटी।
पैच।
छड़ी।
प्रवेश।
अतिसार।
नाक का कचरा।
गाँव में जवन मेहरारू दीवार पोते के काम करेली, ओकरा के पोतनहरी कहल जाला।
बहलाना-फुसलाना।
फ
दिखावा करे वाला आदमी।
होली।
फागुन के महीना के अहसास अउर बयार।
सुबह-सुबह एकदम भोर में।
पटकना या झाड़ना।
गुस्सा।
छाला।
काटे वाला एगो मज़बूत हथियार।
हल।
ई हवा भरे या फूँक मारे के क्रिया ह।
बिना तमीज।
हल्का फुहार या बारिश।
फेंकना।
पशु के बियाने के बाद के पहल गाढ़ा दूध।
घुमाना।
तोड़ना।
ब
जंगली।
मूंगा।
डरपोक।
बेवकूफ।
नासमझ।
नाखून से खुरचना।
भंडार।
बच्चा।
बच्चा।
झाड़ू।
झाड़ू।
पागल।
बातूनी आदमी जे बहुत बोले।
छलनी।
दर्द।
एक खेल।
जंगली।
जंगली बिल्ली।
जंगली आदमी।
डर।
मजदूर।
धनुष।
बहुत तेज आवाज या धमाका।
बारिश।
छोटा भाला।
गाँव के रक्षक देवता ब्रह्म बाबा।
बच्चे का रस्म।
जलन होखल।
मजबूत या ताकतवर।
बच्चा।
पलकें।
बलुई मिट्टी वाला जमीन।
बाँस के छोटा खटिया।
बाँस का बगीचा।
बासी भोजन।
बाहरी हिस्सा।
झाड़ू लगाया हुआ कचरा।
सफाई।
बहन।
भेष बदलने वाला।
भार ढोए वाला बाँस के काँवर जवना के बहँगी कहल जाला।
मिट्टी।
बुरा।
बछिया।
खेत।
बंदर।
पिता।
बाल्टी।
कल के बचल खाना।
बेचैन।
गुस्सैल।
बिखेर देना या छितरा देल।
बिगड़ा हुआ।
फिसलन।
फिसलन।
सोए वाला बिस्तर या गद्दा-चादर।
ढेर।
बौखलाहट में चिल्लावल या व्याकुल होखल।
देर कराना।
चिड़चिड़ा।
फेंकना।
कपड़ा।
अनाज के महीन पीसे या कूट के बुकनी बनावे के क्रिया के बुकल कहल जाला।
महसूस होना।
मूर्ख।
ई खेती-बारी से जुड़ल शब्द ह। खेत के चारों ओर जवन घेरा या मेड़ बनावल जाला, ओकरा के बेडवांन कहल जाला। (प्रयोग: बेडवांन टूट गईल बा, खेत से पानी बहता।)
ई पशुवन के सुरक्षा से जुड़ल शब्द ह। गाय-भैंस के बांधे वाला मज़बूत सांकल या रस्सा के बेड़िया कहल जाला।
पंखा।
पंखा।
बेतरतीब या बिखरा हुआ।
बीमार।
रस्म।
बैल।
बकरा।
डुबाना।
भ
भँवरा।
पकवान।
एकदम मूर्ख आदमी जेके कुछु बुझात न होखे।
अचानक डर जाना।
हैरान।
मूर्ख।
रात में उड़े वाला चमकीला कीड़ा (जुगनू)।
ईंट पकावे वाला स्थान।
राख।
गुमराह करना।
मसाला भरा हुआ।
मिर्च।
छोटा मिट्टी का बर्तन।
मिट्टी का लोटा।
मिट्टी।
पका चावल।
एक हथियार।
एकदम भोर के समय।
भोर।
भोर।
भीगा हुआ।
राख।
भूसा घर।
भुना हुआ।
अनाज।
पशु आहार।
भेंट कइल या कौनों चीज के आपस में मिलावे के क्रिया।
बिना धार।
म
डरपोक।
मुकुट।
चिकनी अउर उपजाऊ मिट्टी।
मिट्टी।
झोपड़ी।
खुदाई।
बुद्धि।
पूजा।
नेपाल के तराई वाला इलाका या बीच के हिस्सा।
वजन।
बिना केहू के रोक-टोक के अपना मन मुताबिक काम कइल।
राजी करना या मनाना।
मरोड़ना।
गंदा।
बनावटी बात।
महुआ।
खपरैल घर के सबसे ऊपर वाला हिस्सा।
माता।
मिट्टी का बड़ा बर्तन।
भोला।
जहर।
रोगी।
कुर्ता।
मरोड़ा हुआ।
मिलना।
गाली।
मूंज घास।
मुंडन।
ई बेरा (Time) बतावे वाला शब्द ह। दुपहरिया के ऊ समय जब सूरज एकदम कपार पर होखे, ओकरा के मुजहानी कहल जाला। (प्रयोग: मुजहानी में घाम बहुत तेज रहेला।)
सिर।
मुँह।
मुरझाना।
जीव।
मुस्कुराना।
चूहे का काटा हुआ।
मिट्टी।
चूहा।
बारीक या बहुत पतला।
आदर-सत्कार या मेजवानी कइल।
मिट्टी के बर्तन।
जे मेहरारू के गुलाम होखे।
फूल।
र
ल
लंगड़ा।
लाठी।
दिखना।
लाठी।
मिठाई।
छड़ी।
बाँस।
आपस में उलझल या लिपट भइल।
सामान ढोवे वाली लकड़ी के गाड़ी।
बेइज्जत भइल आदमी।
बहुत बेसी बोले वाला आदमी।
लंबा।
स्त्री।
भोला।
मिट्टी के नया बरतन जवना में दूध या दही जमावल जाला।
कीचड़ से लतपत होखल।
लंगड़ा।
महसूस होना या प्रतीत होना।
भोजपुरी मुख्य भोजन।
शरारती अउर चंचल लईका।
निगलना।
मशाल।
कपड़ा।
हुनर।
सुस्त आदमी जे बहुत धीरे काम करे।
पशु अपशिष्ट।
सुस्त।
अपशिष्ट।
ई पेट के बढ़ल चर्बी या पशुवन के अपशिष्ट खातिर प्रयोग होखे वाला शब्द ह।
मिठाई।
पात्र।
लोटना।
सिलवट पर मसाला पीसे वाला गोल पत्थर।
ओठ।
दुकान।
श
वजन।
स
मिश्रण।
सटा हुआ।
छड़ी।
सटा हुआ।
चिपका हुआ।
एक खेल।
बर्बाद।
सुबह-सुबह।
समा जाना।
ई एगो खास इलाका या मुहल्ला के परिचय बतावे वाला शब्द ह। गाँव के कौनों खास हिस्सा के सरकवाँसी कहल जाला।
निवासी।
बराबर।
पढ़ाई-लिखाई या विद्या के देवी सरस्वती के ठेठ नाम।
गाँव के बस्ती से दूर जवन खेत-खलिहान वाला इलाका होला, ओकरा के सरेह कहल जाला।
अपना परिवार या संबंधी।
काई।
तमीज।
शाम का समय।
सठिया जाना।
पशुवन के चारा अउर पानी के मिश्रण जेके सानी कहल जाला।
एकदम बराबर या साफ-सुथरा कइल भइल जगह।
लोहे के छड़ या सींक।
सिंदूर पात्र।
सुधारना।
सिंदूर रखे वाला लकड़ी के सुंदर बरतन।
बेल।
सिर की ओर।
तकिया की ओर।
सिरहाना।
सिरहाना।
मसाला पीसे वाला पत्थर।
छींका।
बड़ा सूजा।
सूखा हुआ।
बांस के बनल यंत्र जवना से अनाज झटक के साफ कइल जाला।
कानाफूसी।
सेंकना।
सुहाग के निशानी, सिंदूर।
ठंडा हो जाना।
सेवा कइल या अर्पण कइल।
पानी में जमे वाली काई।
काई।
झाड़-फूंक।
मिठाई।
सोंधी मिट्टी।
गीत।
ह
बड़ा मिट्टी का पात्र।
पानी इकट्ठा करे वाला टैंक।
नाई।
बहुत ज्यादा थका भइल।
हाथ जोड़ के विनती कइल।
जल्दबाज।
हल।
डर के मारे भागना।
जुताई।
हल।
हनुमान।
दरांती।
दरांती।
पशुवन के हांकल या दूर से जोर से आवाज देवे के क्रिया।
हाँकना।
पात्र।
जल्दी-जल्दी।
घुल-मिल जाना।
ई आवाज से जुड़ल क्रिया ह। जब केहू दूर से तेज आवाज लगावे या हकारे, त ओकरा के हुँकहरल कहल जाला।
बहस।
पाटा।
खो जाना।
