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माई भाखा के साथे अइसे जन अब घात करी
भोजपुरी के भोजपुरी से भोजपुरी मे बात करी

ना हिंदी मे समाइल ठिक
ना अंग्रेजी मे अझुराइल ठिक
सोझा रउवा बोलहीं के पड़ी
अब आज नइखे लजाइल ठिक

दिन दुपहरिया सांझ सबेरे चाहे रात बिरात करीं
भोजपुरी के भोजपुरी से भोजपुरी मे बात करी

संविधान मे अभी ले आइल ना
उ मान सम्मान भेंटाइल ना
ई भाषा केतना जरूरी बाटे
शायद रउवा बुझाइल ना

अपने घर मे भाखा के अइसे जन अनाथ करीं
भोजपुरी के भोजपुरी से भोजपुरी मे बात करी

माई भाखा आज रोवत बिया
रउवा मे खुद के टोवत बिया
आपन घर के हमार भोजपुरी
अस्तित्व आपन खोवत बिया

जहाँ मौका रउवा मिले भोजपुरी मे साक्षात करी
भोजपुरी के भोजपुरी से भोजपुरी मे बात करी

बताई ना बाटे दूरी कइसन
रउवा भिरी मजबुरी कइसन
जे लोगन के जोड़ ना पावे
भाषा हमार भोजपुरी कइसन

भोजपुरी के धरम आपन भोजपुरीये के जात करीं
भोजपुरी के भोजपुरी से भोजपुरी मे बात करी

चाहें कवनो देश मे रहीं
चाहे नवका भेष मे रहीं
जबले सरकार सुनत नइखे
साँझे सबेरे रेस मे रहीं

खाईं किरिया खुद के उपर बस एगो सौगात करीं
भोजपुरी के भोजपुरी से भोजपुरी मे बात करी

             
          
साझा करीं:
विधा: भोजपुरी साहित्य