पुरवइया खोज (Search)
पुरवइया Menu
पुरवइया परिवार लॉगिन / जुड़ें
भोजपुरी साहित्य

मत पूछीं के आपन बा

नूरैन अंसारी , नई दिल्ली
13.9K Views
31 अक्टूबर 2026 · 10:42 अपराह्न IST

मत पूछीं के आपन बा.
बस खाली विज्ञापन बा.

मतलब के रिश्ता बाटे,
सब तऽ फेर समापन बा.

साल पुरनका रहे बाउर,
कहाँ नया में नयापन बा.

ऊपर से सब हँसत बाड़ें,
मन में बस सूनापन बा.

जात-पात में बटलें लोग,
बचल कहाँ अपनापन बा.

घर बाहर हर जगे लुटास,
जेकरा में सीधापन बा.

नेतवन के तऽ दुनिया में,
प्यारा बस सिंहासन बा.

कठिन शब्द अउर अर्थ

होम कवि सम्मेलन वीडियो साहित्य अकाउंट