#Jamil Meer

चाहे गमछा फार के रहअ

चाहे गमछा फार के रहअ। चाहे तु झार के रहअ।। दिल मे अपने मुहब्बत के दिया एगो बार के रहअ।। ना प्यार ना बैर से ना आपन...