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Yashwant Keshopuri
ए शीतलहरी काकी-डॉo यशवन्त केशोपुरी
जनवरी 11, 2026
यह ठंड सिर्फ मौसम नहीं, बल्कि मनुष्य की असहायता और प्रकृति की कठोरता का प्रतीक बन गई है। लोग राहत और शरण की तलाश में हैं, लेकिन शीतलहरी निर्दय होकर सबको कंपकंपाने पर मजबूर कर रही है।
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