सबसे निमन हमार मुखिया जी,
कर दिहनी पंचायत के कबाड़ मुखिया जी,
बड़ी आश से जीतईनी स रऊआ के
अब पिटत बानी स कपार मुखिया जी.
रऊआ से ज्यादा घमंड राउर लोगें के बा,
जईसन करतबानी ऊ त भोगें के बा,
अभी से भी आदत सुधारी
काहे कि फेरू काम सहयोगें के बा,
सबसे निमन हमार मुखिया जी,
लूटत रहेनी खूबे बहार मुखिया जी,
अब छोड़ी ऊ सब काम पंचायत
भ्रमण करी लगातार मुखिया जी.
काम करईनी रोज खटाखट,
दुहि महीना में टूटल सड़क फटाफट,
उपरवार कमाईं से राउर
विकाश भईल धकाधक,
अईसन रहन से दुबारा जीतब ना रउआ,
जनता लोग के समझतानी बउआ,
सरकारी रुपया के लगईनी अंबार मुखिया जी,
सबसे निमन हमार मुखिया जी.
आपन गलती के स्वीकार करी,
धनंजय सर के बात प विचार करी,
गरीब दुखिया के उपकार करी,
सब जनता से प्यार दुलार करी,
तबे नू जीतब हरबार मुखिया जी,
सबसे निमन हमार मुखिया जी.