खुश हों मन से, न उदास रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।
खुशहाल रहीं मुसकात रहीं।
कुछ गीत रचीं कुछ गाय चलीं।
खुद भी सुनि लोग सुनाय चलीं।
सबके हिय के बन खास रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।
जग में इह जीवन व्यस्त चले।
निज कारज में मद मस्त चले।
हँस के चलि औउ हँसाय चलीं ।
सब में छवि आप बसाय चलीं।
जँह लोग मिले मिल पास रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।
भगवान कईल, इहां सब बा।
लख के त कहीं, इ कहां दब बा।
बस याद करीं नित ईश्वर के ।
सब में हिं बसे परमेश्वर के।
उनके कर संगत साथ रहीं।
खुश हों मन से न उदास रहीं।