चाय बढ़ावे ताजगी ,हरे बदन के पीर।
बाकिर कुछ नुकसान भी,देला ई गंभीर।।
देला ई गंभीर, पेट के रोग बढ़ावे।
जाय नयन से नींद, बुढ़ापा तन पे लावे।।
कह ‘प्यासा’ कविराय, फोकट में मानी राय।
घर से दीहीं फेक, बीमारी वाली चाय।।
चाय बढ़ावे ताजगी ,हरे बदन के पीर।
बाकिर कुछ नुकसान भी,देला ई गंभीर।।
चाय बढ़ावे ताजगी ,हरे बदन के पीर।
बाकिर कुछ नुकसान भी,देला ई गंभीर।।
देला ई गंभीर, पेट के रोग बढ़ावे।
जाय नयन से नींद, बुढ़ापा तन पे लावे।।
कह ‘प्यासा’ कविराय, फोकट में मानी राय।
घर से दीहीं फेक, बीमारी वाली चाय।।