श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में एगो बड़हन बदलाव भइल बा। ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय आ सदस्य अनिल मिश्रा जवन इस्तीफ़ा देले रहलें, ओकरा के अब आधिकारिक रूप से ट्रस्ट स्वीकार कर लेले बा। उनकर जगह प अब ट्रस्ट के ही एगो सदस्य कृष्ण मोहन जी के अंतरिम महामंत्री बनावल गइल बा। जब ले कवनो नया महामंत्री के नियुक्ति नइखे हो जात, तब ले कृष्ण मोहन जी ई जिम्मेदारी संभलिहें।
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चंपत राय अउर अनिल मिश्रा के इस्तीफ़ा मंजूर, कृष्ण मोहन बनलन अंतरिम महामंत्री
नया पद मिलला के बाद कृष्ण मोहन जी मीडिया से बातचीत में आपन प्राथमिकता गिनवलें। उ साफ तौर प कहलें कि चंदा अउर चढ़ावा चोरी के मामला में जे भी दोषी पावल जाई, ओकरा के कड़ा सजा दिआवल उनकर पहिला काम होई। उ ई बात भी मनलें कि ट्रस्ट के चलावे आ मैनेजमेंट में कुछ कमी रह गइल बा, जवना के उ सुधारे के पूरा प्रयास करिहें। उनकर कहनाम रहे कि, “एह घटना से समाज में ट्रस्ट के जवन बदनामी भइल बा आ लोगन के जवन बिस्वास टूटल बा, हम ओकरा के फिर से कायम करे के काम करब।”
के हवें कृष्ण मोहन?
73 बरिस के कृष्ण मोहन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिला के रहे वाला हवें आ दलित समाज से आवेले। पिछला साल जब ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल जी (जे बिहार के रहे वाला रहलें) के निधन भइल रहे, तब उनकरे जगह प कृष्ण मोहन के ट्रस्ट में शामिल कइल गइल रहे।
इनकर पढ़ाई-लिखाई लखनऊ यूनिवर्सिटी से भइल बा, जहवां से उ जियोलॉजी में एमएससी कइले बाड़े। 1978 में भारतीय वन सेवा (IFS) अफसर बने से पहिले उ परमाणु ऊर्जा विभाग में वैज्ञानिक के रूप में भी काम कइले बाड़े। उ महाराष्ट्र कैडर के अफसर रहलें आ 2012 में फॉरेस्ट डिपार्टमेंट से रिटायर भइलें। एकरा अलावे उ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में भी कई गो बड़ पद जइसे कि क्षेत्र संघचालक के जिम्मेदारी निभा चुकल बाड़े। जनवरी 2024 में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा में उ अपनी पत्नी के संगे यजमान भी रहलें।
ट्रस्ट के अगिला कदम
चढ़ावा चोरी के विवाद के बाद सोमवार के भइल एह पहिला बइठक में कई गो अहम फैसला लिहल गइल बा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी जनवलें कि नया अधिकारियन के बहाली खातिर एगो खास कमेटी बनावल गइल बा।
अब ट्रस्ट के अगिला बइठक 22 जुलाई के होखे वाला बा। कोषाध्यक्ष के मुताबिक, उम्मीद बा कि 22 जुलाई ले जांच कर रहल एसआईटी (SIT) टीम के रिपोर्ट भी आ जाई। रउआ सब के याद होखी कि राम मंदिर के चढ़ावा में गबन आ चोरी के आरोप के बाद चंपत राय जी पिछला महीना (26 जून के आसपास) आपन पद से इस्तीफ़ा दे देले रहलें।