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कविता

आइल दियरी बाती

जगमग जगमग दियना जरे
आइल दियरी बाती,
खुशी बा आइल घरे घरे
आइल दियरी बाती!

राम सागर सिंह , सिवान, बिहार
7.6K Views
6 नवम्बर 2026 · 09:02 अपराह्न IST

जगमग जगमग दियना जरे
आइल दियरी बाती,
खुशी बा आइल घरे घरे
आइल दियरी बाती!


अंगना दुअरा भइल सफाई
आइल दियरी बाती,
कोना कोना भइल पुताई
आइल दियरी बाती!


घरे सब परदेसी अइले
आइल दियरी बाती,
हर्षित भइले बाबु माई
आइल दियरी बाती!

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लरिकन के त मौज बा आइल,
आइल दियरी बाती,
खुश बाड़ी घर में भउजाई
आइल दियरी बाती!


छूटे छुरछुरी फटे भड़ाका
आइल दियरी बाती,
कान में अँगुरी खोंसले काका
आइल दियरी बाती!


बांटि मिठाई खुशी मनाई
आइल दियरी बाती,
राग द्वेष अउर भेद मिटाईं
आइल दियरी बाती!


रामसागर ” सभ के गरे लगाईं
आइल दियरी बाती,
मिलजुल के तेवहार मनाई
आइल दियरी बाती!

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