आज फेर इज्जत एगो बाबू-माई के
माटी में लसरात, मिलावत देखनी ह।
इंस्टाग्राम-फेसबुक पर रील बनाके,
बाबू-माई आ भाई पर झुझुआवत देखनी ह।
बढ़-चढ़ के बोलत, भौंह सिकोड़ के,
अपना यार के पुचकारत, दुलारत देखनी ह।

ना लउकली रील में पुरहर जवान ऊ,
बाकिर बाबू के पगड़ी उछालत देखनी ह।
का जाने बालिग रहली कि ना रहली ऊ,
बोली के टान से फुफकारत देखनी ह।
आपन नाम-पता, बाबू-भाई के नाम लेत,
समाज में कुल खानदान के नाक कटवावत देखनी ह।
लाज-शरम, तमीज आ तहजीब के,
साफा घोर के पीयत, लजात हमहूँ देखनी ह।
वीडियो में चिचियात, थाना-पुलिस के बात करत,
बाबू-भाई से जान के खतरा बतावत देखनी ह।
‘प्यार करिले इनसे आ करेलें ई हमरा से,
जइसे भी राखस, रह लेब’ — ई बतिया कहत,
ना लजात देखनी ह,
ना लजात देखनी ह।