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कविता

भोजपुरी बोले, भोजपुरी लिखे

बाकी का कहीं मजबूरी
कहला बिना रहलो ना जाई

विजया श्रीवास्तव , सासाराम ,बिहार
807 Views
5 नवम्बर 2026 · 10:31 अपराह्न IST
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आ हमरा बात से
कुछ लोगन के
लाग जाई मरचाई
बाकी का कहीं मजबूरी
कहला बिना रहलो ना जाई

भोजपुरी बोले, भोजपुरी लिखे
आ भोजपुरी गावे में
काहे लोग समझेला
आपन हिनाई

जब बीच सड़क पर
होखेला नांग नाच
त देखे आ सुने में
ना होखे जग हंसाई

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कवना बात के लाज भाई
माई के कहे में माई
भोजपुरिए माटी ह
हमनी के दवाई

आ भोजपुरिए ह
हमनी के बाप आ माई
आ बापे-माई के सेवा से
हमनी के जिनगी खेवाई

कठिन शब्द अउर अर्थ

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