पुरवइया खोज (Search)
पुरवइया Menu
पुरवइया परिवार लॉगिन / जुड़ें
भोजपुरी गीत

बोली गाँवे रउआ कब ले आवे के बा

रोज भेजीं ले मैसेज ना मिलेला जवाब,
अउरी केतना हमरा के तड़पावे के बा।

कलामुद्दीन कमली , सिरिसिया नरकटियागंज, पश्चिमी चम्पारण
994 Views
5 नवम्बर 2026 · 10:45 अपराह्न IST

रोज भेजीं ले मैसेज ना मिलेला जवाब,
अउरी केतना हमरा के तड़पावे के बा।
थक गइल बा नयन राह जोहत-जोहत,
बोलीं गाँवे रउआ कब ले आवे के बा।

कह के गइनी कि बस कुछ दिन ही रहब,
प्रीत के पीर अब हम ना सईया सहब।
दिल दुखा लीं हमर जेतना दुखावे के बा,
बोलीं गाँवे रउआ कब ले आवे के बा।

बाली बिंदिया तोहके बोलावे सजन,
बहे पुरवईया सगरी सिहरे ला बदन।
सांच बतिया कहिया बतावे के बा,
बोलीं गाँवे रउआ कब ले आवे के बा।

AdvertisementAdvertisement

नींद आवे ना सेजिया पर जागल रही।
इयाद में रातों-दिन तोहरा पागल रहीं।
“कमली” केतना बहाना बनावे के बा,
बोलीं गाँवे रउआ कब ले आवे के बा।

AdvertisementAdvertisement

रिपोर्ट करें

कृपया बताएं कि इस पोस्ट में क्या समस्या है (अवैध सामग्री, भ्रामक जानकारी आदि):

होम कवि सम्मेलन वीडियो साहित्य अकाउंट