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भोजपुरी साहित्य
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अपने घर में छाँटल जाता

नूरैन अंसारी , नई दिल्ली
12.5K Views | 01 Comments
27 अक्टूबर 2026 · 07:36 अपराह्न IST
चित्र एआई से बनावल गइल

बीतल बात उपाटल जाता
सोझे आँख उलाटल जाता

मत पूछीं रिश्ता के लीला
अपने घर में छाँटल जाता

झूठ बोलीं त पदक मिलीं
साँच कहे पर डाँटल जाता

आपन ऐब छुपा के ईहवा,
दोष दोसरा में साटल जाता

सिद्धांत, उसूल कहे के बा
पतल दरबारी चाटल जाता

कबहूँ जात त कबहूँ धर्म पर
इहाँ लोगन के बाँटल जाता

नूरैन, लड़ा के भाई-भाई के
फसल चुनावी काटल जाता

कठिन शब्द अउर अर्थ

पाठकों की प्रतिक्रियाएं (01)

  • नूरैन भाई के रचना हमेशा से निमन रहेला। मज़ा आ गइल पढ़ के भाई, शुभकामना।

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