द पुरवइया डेस्कद्वारा प्रकाशित

हमनी के राति दिन दुखवा भोगत बानी-हीरा डोम

यह कविता महावीर प्रसाद द्विवेदी द्वारा संपादित ‘सरस्वती’ (सितंबर 1914, भाग 15, खंड 2, पृष्ठ संख्या 512-513) में प्रकाशित हुई थी।