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दोहा

चोरी आदत चोर के,सीख लिहल सब लोग

चोरी आदत चोर के,सीख लिहल सब लोग।बड़ी दूख के बात बा,बढ़ले जाता रोग।। बढ़ले जाता रोग, बिभाग ना कहीं खाली ।ना विभाग के नाम,कह इहां सभे बवाली।। कह 'प्यासा' कविराय,कुल्ह जगहा घुसखोरी।चलीं…
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31 अक्टूबर 2026 · 09:13 अपराह्न IST

चोरी आदत चोर के,सीख लिहल सब लोग।
बड़ी दूख के बात बा,बढ़ले जाता रोग।।

बढ़ले जाता रोग, बिभाग ना कहीं खाली ।
ना विभाग के नाम,कह इहां सभे बवाली।।

कह ‘प्यासा’ कविराय,कुल्ह जगहा घुसखोरी।
चलीं देख लीं कहीं ,मिली खाली बस चोरी।।

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