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भोजपुरी साहित्य

डूबल सब कुछ पानी में

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5 नवम्बर 2026 · 03:53 अपराह्न IST

जिनगी कहां किसानी में ।
डूबल सब कुछ पानी में।


गहूं-चना बोअत, बीतल,
खेता आ खलिहानी में।


फयदा घटी जबे जोड़ीं ,
पाईं खुद के हानी में।


दम कबो ना आवे सकल,
भइआ देह जवानी में ।


परिवार के पेट भरे न ,
करज रहे सिरहानी में

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