कबो खूब हमके हंसावल गइल

@ganesh-nath-tiwari • 23 Views • 9 अप्रैल, 2026

कबो खूब हमके हंसावल गइल,
त कबो बेदर्दी से रोवावल गइल।

नेहिया के नाता से जोड़ी के अब,
बीचही डगर पर छोड़ावल गइल।

भरोसा हमार त तिनका रहल,
ओही के सहारे सतावल गइल।

संभल के त हमहूँ चलत रहनी पर,
पकड़ के कलाई गिरावल गइल।

बिनायक इहाँ केहू नइखे आपन,
इहाँ त बस सपना सजावल गइल।

Purvaiya
गणेश नाथ तिवारी "विनायक" @ganesh-nath-tiwari

कबो खूब हमके हंसावल गइल,
त कबो बेदर्दी से रोवावल गइल।

नेहिया के नाता से जोड़ी के अब,
बीचही डगर पर छोड़ावल गइल।

भरोसा हमार त तिनका रहल,
ओही के सहारे सतावल गइल।

संभल के त हमहूँ चलत रहनी पर,
पकड़ के कलाई गिरावल गइल।

बिनायक इहाँ केहू नइखे आपन,
इहाँ त बस सपना सजावल गइल।

0 प्रतिक्रियाएं