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कविता

प्यासा के कुंडलियां – चाय से लाभ

चाय बढ़ावे ताजगी ,हरे बदन के पीर।
बाकिर कुछ नुकसान भी,देला ई गंभीर।।

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28 अक्टूबर 2026 · 12:48 अपराह्न IST

चाय बढ़ावे ताजगी ,हरे बदन के पीर।
बाकिर कुछ नुकसान भी,देला ई गंभीर।।

देला ई गंभीर, पेट के रोग बढ़ावे।
जाय नयन से नींद, बुढ़ापा तन पे लावे।।

कह ‘प्यासा’ कविराय, फोकट में मानी राय।
घर से दीहीं फेक, बीमारी वाली चाय।।

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