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भोजपुरी साहित्य

अब झूठ के कमाई करे लगनी

नूरैन अंसारी
9 अप्रैल 2026 · 06:23 पूर्वाह्न IST

अब झूठ के कमाई करे लगनी
काहे साँच के तुरपाई करे लगनी

हिस्सा में जब एगो पोखरा मिलल
तब समुंदर के बुराई करे लगनी

कबहूँ मुश्किल में साथ ना देहनी
आज काहे भाई-भाई करे लगनी

जब बात उठल सियासत के इहाँ
तब आपस में लड़ाई करे लगनी

पसीना के रंग जब फीका पड़ल
जी-हजूरी के पुताई करे लगनी

जेकर साया में ‘नूरैन’ जिनगी बीतल
ओही पेड़ के कटाई करे लगनी

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