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भोजपुरी साहित्य

आजु देखी मर रहल संसार बा

गणेश नाथ तिवारी "विनायक"
9 अप्रैल 2026 · 07:44 पूर्वाह्न IST

आजु देखी मर रहल संसार बा।
का कहीं लाचार ई सरकार बा।।

ध्यान राखीं देहिया के काम बा।
आन से आशा कइल बेकार बा।।

जाति के चरचा करा के आदमी।
देखि ली कतना करत तकरार बा।।

लोग के लागे कि हमरा ज्ञान बा।
आजु इनका आदमी दरकार बा

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