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Jamil Meer
द्वारा प्रकाशित
चाहे गमछा फार के रहअ
जनवरी 10, 2026
चाहे गमछा फार के रहअ। चाहे तु झार के रहअ।। दिल मे अपने मुहब्बत के दिया एगो बार के रहअ।। ना प्यार ना बैर से ना आपन...
कहीं चूल्हे पे अदहन खौलता है-चेतना पाण्डेय
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जनवरी 11, 2026
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