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मिलित अगर सभे के बिहार में ही रोज़गार-ताजुद्दीन अंसारी
छोड़े के ना परित कबहूं आपन घर दुआर।मिलित अगर सभे के बिहार में ही रोज़गार। अपनन से बिछड़े के कबो दरद ना होइत।बीवी-बचवन के याद...
आदमी अब बेचारा बन गइल बा-रिशु कुमार गुप्ता
पईसा…. राघवेन्द्र प्रकाश “रघु”
ये बीबीसी लंदन है अब “था” हो गइल– मुकेश यादव
हमहि से प्रेम, हमहि से छुपावे के बा-मुकेश यादव
मितवा जबसे गांव हम छोड़नी-मुकेश यादव
एह दुनिया से हाथ पसारी,आदमी एकदिन चल जाला-शम्श जमील
हम का करीं, बुझाते नइखे-नूरैन अन्सारी