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भोजपुरी साहित्य

बात जे बीतल बा ओह के

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30 अक्टूबर 2026 · 08:55 पूर्वाह्न IST

बात जे बीतल बा ओह के उखाड़त लोग ।
ना कबो जे देखल ओह के उपाटत लोग ।

आग के बुतावल,बा काहे लोग भुलाइल ,
जात के लड़ाई,बा काहे लगावत लोग।

जहां बहा सकेला,गंगा के प्रेम धारा ,
कहीं ना काहे उहवा जहर बहावत लोग।

तनकी सा घाट-बाढ़ बर्दाश से परे बा,
नाक ध के रोई अंखियां देखावत लोग।

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