गाँव के माटी, मन के मीत,
गावत बा ई, सुंदर गीत।
खेतन में बा, हरियर धान,
बढ़े हमरा, देस के मान।
नदी किनारे, सीतल धार,
बहत बाटे, मन्द बयार।
चिड़िया चहके, गूँजे गान,
भोर भइल अब,तजहुँ मसान।
नीम के पेड़, अउर हरियाली,
झूले झूला, डाली-डाली।
बरगद बाबा, छइयाँ देत,
मेहनत करहीं, सबहूँ खेत।
पगडंडी के, धूर सुहानी,
याद आवे, पुरखा के बानी।
गऊ चरावत, ग्वाला गीत,
साँच रहे ई, जग के रीत।
शाम भइल जब, दीप जलावे,
घर-घर में तब, मंगल छावे।
प्रेम भाव के, बहे बयार,
माटी से बा, गहरा प्यार।
कठिन शब्द अउर अर्थ
- जग: यज्ञ।




