झूठ बोलल आजकल शान में गिनाता
अब त लेड के पेड़ भी परधान में गिनाता
हो गईल ईमानदारी घर-घर में मूसमात
अब दर्द के दवा भी एहसान में गिनाता
भाषण जे देत बाड़े टीवी पर दिन-रात
टाई-सूट वाला भी किसान में गिनाता
भाई के हक़ मार के जे बढ़ गईल आगे
आज उहो लोग साहिबे ईमान में गिनाता
अब हकीकत बा कम देखावा बा ज़्यादा
सवा मीटर कपड़ा भी थान में गिनाता
छूट गईल गाँव में ही आपन पुश्तैनी घर
शहर के 25 गज के फ्लैट मकान में गिनाता
भीड़ देखि के मदद के गुहार मत लगाईं
जे भीड़ में बा हिन्दू-मुसलमान में गिनाता
नूरैन! जे ग़ैर रहे उ लोग हो भइल आपन
जे आपन रहे, उ अब आन में गिनाता