कहाँ केहु दिल में उपकार राखत बा
मतलब से ख़ाली सरोकार राखत बा
बस गरज ले बाटे सब रिश्ता – नाता
बेगरज कहा कौनो दरकार राखत बा
जेकरा के लोग समझत बा आपन
पीठ पीछे उहे तलवार राखत बा
दोसरा के ख़ुशी अब कहा सोहाता
मन में लोग इरखा हज़ार राखत बा
लोग अन्दर से कुछू बा बाहर से कुछू
हर आदमी कइ गो किरदार राखत बा.
आ जेकरा के ईश्वर देत बाडेन खूब
उहे औरी लूटे के बिचार राखत बा.
