कुहुके करेजवा में हमरो करेजवा
एजवा मारिये दिहलs
देबे के परित दहेजवा
एजवा ……..
कवन कसूर हमार तनिका बतइति
एगो रहे सोना एगो चानियो अपनइति
परी गइनी फेरा में पावे खातिर पुतवा
एजवा……..
केतना हम सोंचनी आ केतना भोकरनी
होत अन्याय पर ना कबहु चोकरनी
काहे के त्यगनी रउआ, कोखि के करेजवा
एजवा…….
अइती अँगनवा त गुलजार करिती
बेटा अउरी बेटी के भेदवा बतइति
सगरो जहान के ई दिहत्ती सनेसवा
एजवा……..
कुहुके करेजवा में हमरो करेजवा
एजवा मारिये दिहलs
देबे के परित दहेजवा
एजवा ……..

गणेश नाथ तिवारी"विनायक"
बहुत बहुत धन्यवाद
द पुरवइया डेस्क
आप सभी रचनाकारों की वजह से ही भोजपुरी साहित्य रोज बेहतर हो रहा है॥ बहुत बहुत शुक्रिया