पुरवइया

बानी बड़ा मजबुरी मे,का लिखीं भोजपुरी मे

बानी बड़ा मजबुरी मेका लिखीं भोजपुरी मे। सोहर समाज से दुर भइलनिर्गुन के दोहन भरपुर भइलआपन रिवाज के बियाहे के गीतडीजे के आगे चकनाचुर भइल।बिना…
शम्स जमील 11 मई 2026 (पब्लिश्ड: 09:53 IST)

बानी बड़ा मजबुरी मे
का लिखीं भोजपुरी मे।

सोहर समाज से दुर भइल
निर्गुन के दोहन भरपुर भइल
आपन रिवाज के बियाहे के गीत
डीजे के आगे चकनाचुर भइल।
बिना गीतन अब निक ना लागे
रोपनी- सोहनी के मजदुरी मे।

बानी बड़ा मजबुरी मे
का लिखीं भोजपुरी मे।

गजब के पुरानका रीत रहे
हर परब-तेवहार के गीत रहे
छठी माई से काली माई तक
आपन एगो संगीत रहे।
लोकगीत अब नाच रहल बा
अश्लीलता के अँगुरी मे।

बानी बड़ा मजबुरी मे
का लिखीं भोजपुरी मे।

बितल सावन ना कजरी आइल
मास चइत ना चइता सुनाइल
कुहके जियरा बारहमाँसा के बिना
पुरबी जग से भाग पराइल।
अल्हा- बिरहा लउक रहल बा
हजारों कोस के दुरी मे।

बानी बड़ा मजबुरी मे
का लिखीं भोजपुरी मे।

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