हहरा के बहेला चइत में बयरिया
कवना कोना में लुकइले सांवरिया
बिहँसे ला हमरो बदनवा
परनवा नाही अइले।
भक-भक भभकेला पछुआ के झोंका
हियरा के बुझे वाला आइल नाही सोखा
बितियो गइल बा फगुनवा
परनवा नाही अइले।
करवट बदलत बिति जाला मोर रतिया
मति कादो मरले बिया कवनो सवतिया
बउराइल बाटे मोर मनवा
परनवा नाही अइले।
रोइ-रोइ हियरा के पनिया सुखावल
कौने जनम के ई बदरवा बा छावल
सकुचात बाटे अब दरपनवा
परनवा नाही अइले।
हारि पाछि के अब त ‘राम’ गोहराईं
बिरहा के पीर के कवन बा दवाईं
जुड़इले ना विनायक ई नयनवा
परनवा नाही अइले।
कठिन शब्द अउर अर्थ
- मति: बुद्धि।



