मेनू
लॉगिन करें

कवि सम्मेलन में सभकर जुटान बा

दिन हऽ इतवार,पुरवईया स्थान बा,कवि सम्मेलन में काल्ह जुटान बा। सुंदर-सुंदर मुक्तक से होई शुरुआत,माई भोजपुरी के ही होई खाली बात। माई भाखा हमनी के…
नूरैन अंसारी 10 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 11:59 IST)

दिन हऽ इतवार,पुरवईया स्थान बा,
कवि सम्मेलन में काल्ह जुटान बा।

सुंदर-सुंदर मुक्तक से होई शुरुआत,
माई भोजपुरी के ही होई खाली बात।

माई भाखा हमनी के आन, बान, शान बा,
कवि सम्मेलन में काल्ह जुटान बा।

तनी सा रउवो समय निकालीं,
रात 8 बजे online कुर्सी संभालीं।

बिन रउवा हमनी के कहाँ अड़ान बा,
कवि सम्मेलन में काल्ह जुटान बा।

कठिन शब्द अउर अर्थ

होम न्यूज़ वीडियो शब्दकोश अकाउंट