देखलीं जे बइठि के दरिया किनारे

@manoj_bhawuk • 40 Views • 10 अप्रैल, 2026

देखलीं जे बइठि के दरिया किनारे
डूबके देखला प लागल भिन्न, यारे

घर के कीमत का हवे, ऊहे बताई
जे रहत फुटपाथ पर लँगटे-उघारे

ना परे मन घर कबो बबुआ के भलहीं
रोज बुढ़िया भोर में कउवा उचारे

बस कहे के हम आ ऊ साथ रहीले
साथ का, जब पड़ गइल मन में दरारे

ख्वाब में भी हम कबो सोचले ना होखब
वक्त ले जाई कबो ओहू दुआरे

Purvaiya
मनोज भावुक @manoj_bhawuk

देखलीं जे बइठि के दरिया किनारे
डूबके देखला प लागल भिन्न, यारे

घर के कीमत का हवे, ऊहे बताई
जे रहत फुटपाथ पर लँगटे-उघारे

ना परे मन घर कबो बबुआ के भलहीं
रोज बुढ़िया भोर में कउवा उचारे

बस कहे के हम आ ऊ साथ रहीले
साथ का, जब पड़ गइल मन में दरारे

ख्वाब में भी हम कबो सोचले ना होखब
वक्त ले जाई कबो ओहू दुआरे

0 प्रतिक्रियाएं