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गाँवे देखीं शहर बा आइल
1 सप्ताह पहले
हई देख चीनी के ई केतना भाव खात बा
1 महीना पहले
जिनगी अब ओराए लागल – मुकेश भावुक
1 महीना पहले
गीत जिनिगी के गावल ह आपन धरम-जयकांत सिंह ‘जय’
2 महीना पहले
भाई-भाई में जब बँटवारा भइल
4 महीना पहले
अब त दूरे से, राम-राम होता इहाँ
4 महीना पहले
कहाँ केहु दिल में उपकार राखत बा
6 महीना पहले
अपने लोग अब पराया हो गइल
6 महीना पहले
झूठ बोलल आजकल शान में गिनाता
6 महीना पहले
माथे पर गमछा सजावल गइल बा
6 महीना पहले
आव एगो नया बस्ती बसावल जाव
6 महीना पहले
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