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काटेला जे भी दिन बनवास के

जेकरा ख़ातिर सौ गो अधापन होला,उहो कहाँ आख़िर में आपन होला। उहे लुट जाला घर-बाहर दूनू जगे,जेकरा में ज़ियादा सीधापन होला। जब गरज पड़ल त…
नूरैन अंसारी 30 मई 2026 (पब्लिश्ड: 09:48 IST)

जेकरा ख़ातिर सौ गो अधापन होला,
उहो कहाँ आख़िर में आपन होला।

उहे लुट जाला घर-बाहर दूनू जगे,
जेकरा में ज़ियादा सीधापन होला।

जब गरज पड़ल त बुझनी ई बात,
मदद से ज़ियादा त विज्ञापन होला।

जे जिनगी लगा देल अपनन के ख़ातिर,
बड़ा ही बुरा ओकर समापन होला।

‘नूरैन’ काटेला जे भी दिन बनवास के,
एक दिन हिस्सा में ओकरे सिंहासन होला.

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