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आठवीं अनुसूची से

भोजपुरिया के सपना के, कब ले बहराई कुची से, कब ले भोजपुरी बाहरे रही, आठवीं अनुसूची से! दू लाइन भोजपुरी सुनके, रउआ तऽ अगरा गइनी,…
राम सागर सिंह 15 मई 2026 (पब्लिश्ड: 12:12 IST)

भोजपुरिया के सपना के, कब ले बहराई कुची से,
कब ले भोजपुरी बाहरे रही, आठवीं अनुसूची से!

दू लाइन भोजपुरी सुनके, रउआ तऽ अगरा गइनी,
उहों के तऽ पोलियो जइसे, दू बून दवा पिया गइनी!
उहां के तऽ डोज पियवनी, खाली वोट के रुचि से,
कब ले भोजपुरी बाहरे रही, आठवीं अनुसूची से!

जंतर मंतर बइठ के रउआ, केतना जोर लगाइब जी,
जब ले संघवा सांसद मंत्री, नेताजी के ना पाइब जी,
वोट के जब हरियरी देखिहें, नेताजी अइहें खुशी से,
कब ले भोजपुरी बाहरे रही, आठवीं अनुसूची से!

भाग्य के छोट भोजपुरी बाटे, नेता लोग मुंह चोर बा,
भोजपुरी के आवाज ना बने, पीछे खींचले गोड़ बा!
सवांस नइखे लड़हु वाला के, आपस के कानाफुसी से
कब ले भोजपुरी बाहरे रही, आठवीं अनुसूची से!

भोजपुरी से न्याय के खातिर, आईं अब हठयोगी बनीं,
आईं अब भोजपुरी खातिर भोजपुरिया के सहयोगी बनीं,
रामसागर कठिन लड़ाई बाटे लड़ लिहीं मजबूती से,
कब ले भोजपुरी बाहरे रही आठवीं अनुसूची से!

✍🏻: रामसागर सिंह
सिवान, बिहार ( वर्तमान में सुरत, गुजरात )
M : 8156077577

कठिन शब्द अउर अर्थ

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