ले के हाथन में हथियार,
छैनी,पैनी धारदार आ गइने।
असंभव के संभव कइने,
जग के करिश्मा दिखा दिहने।
माटी, पाथर, लोहा, सोना,
सबमें प्राण जगा दिहने।
आ परती रहल इ धरती,
नवरूप में देख सजा दिहने।
लंका जइसन राज सँवरने,
इन्द्रपुरी बना दिहने।
आ बीच समुन्दर में जाके देखीं,
द्वारिकापुरी बसा दिहने।
सूखल बगिया में फूल खिलाके।
चहुँओर बहार ले आ दिहने।
असम्भव के सम्भव करके,।
जग में करिश्मा देखाइ दिहने।