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धरती से 1,100 प्रकाश वर्ष दूर ई ग्रह पर जीवन के संभावना बा?

ब्रह्मांड में धरती के बाहर जीवन के खोज आज भी वैज्ञानिकन खातिर सबसे बड़ा सवालन में से एगो बा। एह खोज में Kepler-442b एगो खास…
द पुरवइया डेस्क 30 अगस्त 2026 (पब्लिश्ड: 02:35 IST)

ब्रह्मांड में धरती के बाहर जीवन के खोज आज भी वैज्ञानिकन खातिर सबसे बड़ा सवालन में से एगो बा। एह खोज में Kepler-442b एगो खास ग्रह मानल जाला, काहेकि ई आकार में धरती से कुछ बड़ बा आ अपना तारा के ओह इलाका में चक्कर लगावेला, जहां सही परिस्थिति होखे त तरल पानी मौजूद रह सकेला।

Kepler-442b हमनी से करीब 1,100 प्रकाश वर्ष दूर बा। ई एगो महापृथ्वी (Super-Earth) श्रेणी के ग्रह ह। एकर त्रिज्या धरती से करीब 1.34 गुना बा आ द्रव्यमान करीब 2.36 धरती के बराबर बतावल गइल बा।

अब सबसे खास बात पर आईं।

Kepler-442b अपना तारा के रहे योग्य क्षेत्र (habitable zone) में परिक्रमा करेला। ई तारा हमनी के सूरज से छोट आ ठंडा के-प्रकार (K-type) के तारा ह। एह क्षेत्र में तापमान सही रहे आ ग्रह के वायुमंडल अनुकूल होखे, त पानी तरल रूप में मौजूद रहे के संभावना बन सकेला।

बाकिर एकरा के पढ़ के ई मत समझीं कि वैज्ञानिकन के Kepler-442b पर जीवन मिल गइल बा।

NASA

रहे योग्य क्षेत्र (habitable zone) में होखला के मतलब खाली एतना बा कि ग्रह के तारा से दूरी अइसन हो सकेला जहां सही परिस्थिति में तरल पानी टिक सके। ग्रह पर वास्तव में पानी बा कि ना, वायुमंडल कइसन बा आ जीवन के कवनो रूप मौजूद बा कि ना एकर पक्का सबूत अभी वैज्ञानिकन के लगे नइखे।

Kepler-442b अपना तारा के एक चक्कर करीब 112.3 दिन में पूरा करेला। एकर खोज पारगमन विधि (Transit Method) से भइल। एह तरीका में वैज्ञानिक लोग तारा के चमक में होखे वाला बहुत हल्का बदलाव के देखेला। जब ग्रह तारा के सामने से गुजरत बा, त तारा के रोशनी थोड़ी कम दिखाई देला। एह बदलाव के लगातार रिकॉर्ड करके ग्रह के मौजूदगी के पता लगावल जाला।

Kepler-442b के खोज NASA के Kepler मिशन से भइल रहे आ 2015 में एकर खोज के घोषणा कइल गइल। NASA के मुताबिक ई ग्रह धरती से करीब 33 फीसदी बड़ बा आ अपना तारा के चक्कर करीब 112 दिन में लगावेला।

अब सवाल ई बा कि का इंसान कभी Kepler-442b तक पहुंच सकेला?

फिलहाल त ई बहुत दूर के बात बा। करीब 1,100 प्रकाश वर्ष के दूरी के मतलब ई बा कि प्रकाश के गति से यात्रा करे वाला कवनो संदेश के भी इहां से ओह ग्रह तक पहुंचे में करीब 1,100 साल लाग सकेला।

एह ग्रह के बारे में वैज्ञानिकन के अभी बहुत कुछ जानल बाकी बा। खास करके ओकर वायुमंडल, सतह आ पानी के मौजूदगी से जुड़ल जानकारी भविष्य के अध्ययन खातिर महत्वपूर्ण हो सकेला।

एह वजह से Kepler-442b के “दूसरी धरती” या “एलियन के घर” कहल अभी सही ना होई।

हां, ई जरूर कहल जा सकेला कि ई ग्रह वैज्ञानिकन के एगो महत्वपूर्ण सवाल के ओर ले जाला ब्रह्मांड में धरती जइसन दुनिया खाली एकही बा, कि अइसन अउरी ग्रह भी मौजूद बाड़ें जहां जीवन के अनुकूल परिस्थिति बन सकेला?

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