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नेपाल विदेशी मदद काहे ठुकरा दिहलस? भारत के NDRF के भी ना मिलल इजाजत

नेपाल में फ्लैश फ्लड यानी अचानक आइल बाढ़ से भारी तबाही मचल बा। मलबा हटावे के दौरान अबले 475 लोगन के शव मिल चुकल बा।…
द पुरवइया डेस्क 28 अगस्त 2026 (पब्लिश्ड: 10:59 IST)

नेपाल में फ्लैश फ्लड यानी अचानक आइल बाढ़ से भारी तबाही मचल बा। मलबा हटावे के दौरान अबले 475 लोगन के शव मिल चुकल बा। वहीं 600 से ज्यादा लोग अबहियों लापता बतावल जा रहल बाड़े।

एह तबाही के बीच नेपाल में रहत 517 विदेशी नागरिकन से भी संपर्क टूटल बा। हालात के देखत भारत समेत कई देश नेपाल के मदद खातिर आपन सर्च एंड रेस्क्यू टीम भेजे के पेशकश कइलें। बाकिर नेपाल सरकार विदेशी टीमन के मदद लेवे से इनकार कर दिहलस।

नेपाल सरकार के कहना बा कि देश के अपना सुरक्षा एजेंसियां राहत आ बचाव के पूरा ऑपरेशन संभाले में सक्षम बाड़ी। एह खातिर बाहर से टीम बोलावे के बजाय नेपाल ‘वन-डोर मैकेनिज्म’ के तहत मदद लेवे पर जोर दे रहल बा। मतलब अलग-अलग देश से रेस्क्यू टीम आवे के बजाय एक तय व्यवस्था के जरिए आर्थिक मदद लेहल जाई।

सरकारी अधिकारीन के मुताबिक, बाढ़ से तबाह इलाका के दोबारा बसावे आ बुनियादी ढांचा खड़ा करे में आगे काफी पैसा के जरूरत पड़ी। एह खातिर आर्थिक सहायता के साथे जरूरत के हिसाब से दोसरा तरह के मदद भी मांगल जा सकेला।

200 से ज्यादा भारतीय नेपाल में फंसल

नेपाल पुलिस के आंकड़ा के हिसाब से बुधवार से कई देशन के नागरिक लापता बाड़े। एहमें 178 भारतीय, 65 अमेरिकी, 51 मलेशियाई, 53 यूक्रेनी, 33 ब्रिटिश, 35 ऑस्ट्रेलियाई आ 25 कनाडाई नागरिक शामिल बाड़े।

एकरा अलावा तीन दर्जन से ज्यादा दोसरा देशन के नागरिकन के भी पता नइखे चलल।

चीन के अधिकारी बतवले बाड़े कि नेपाल में मौजूद कम से कम 100 चीनी नागरिकन से संपर्क नइखे हो पावत।

उधर भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक 200 से ज्यादा भारतीय नागरिक नेपाल में बाढ़ के बीच फंसल बाड़े आ सुरक्षित बाहर निकले खातिर मदद चाहत बाड़े।

भारत, चीन समेत कई देश भेजे चाहत रहलें रेस्क्यू टीम

नेपाल में बिगड़ल हालात के देखत भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका आ बांग्लादेश समेत कई देश आपन सर्च एंड रेस्क्यू टीम भेजे के प्रस्ताव दिहलें।

बाकिर नेपाल सरकार सभे प्रस्ताव के ठुकरा दिहलस।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के एगो वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, कई देश आ अंतरराष्ट्रीय संगठन से आधिकारिक आ अनौपचारिक तरीका से मदद के अनुरोध आइल रहे। सरकार के जवाब रहे कि नेपाली सेना, पुलिस आ दोसरा सुरक्षा एजेंसियां खुद एह ऑपरेशन के संभाल सकेली।

एह फैसला के पीछे नेपाल के 2015 के भूकंप वाला अनुभव के भी अहम वजह बतावल जा रहल बा।

2015 में भूकंप के बाद दुनिया के कई देश से सर्च एंड रेस्क्यू टीम नेपाल पहुंचल रहे। लेकिन बड़ी संख्या में टीम आ जाए के बाद आपसी तालमेल, काम के बंटवारा आ ऑपरेशन के मैनेजमेंट में परेशानी पैदा भइल रहे। कुछ जगह टीमन के बीच एक-दूसरा से आगे निकले के होड़ जइसन स्थिति भी बनल रहे।

बतावल जा रहल बा कि एह पुरान अनुभव के आधार पर नेपाली सेना आ पुलिस विदेशी रेस्क्यू टीम ना बोलावे के सलाह दिहलस, आ सरकार ओकरा मान लिहलस।

NDRF भेजे के भारत के प्रस्ताव भी ठुकरा दिहल गइल

नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक फंसल बाड़े आ कई लोगन से संपर्क टूटल बा। एह स्थिति में भारत सरकार नेपाल में NDRF यानी नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के टीम भेजे खातिर अनुमति मांगलस।

बाकिर नेपाल सरकार भारत के ई प्रस्ताव भी स्वीकार ना कइलस।

नेपाल के विदेश मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, चीन आ दोसरा देशन से भी अइसने प्रस्ताव आइल रहे। लेकिन सरकार के मानना बा कि अपना सुरक्षा एजेंसियन के जरिए ही राहत-बचाव के काम ज्यादा बेहतर ढंग से चलावल जा सकेला।

तबाही के बीच फेर नया बाढ़ के खतरा

अभी पहिलका बाढ़ के आफत से नेपाल उबरलो ना पवल कि एगो नया खतरा सामने आ गइल बा।

चीन-नेपाल सीमा के लगे रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिहल गइल बा। चीन के ओर से चेतावनी जारी कइल गइल बा कि छोछेन खोला आ त्सांगपो नदी के मिलान वाला इलाका के नजदीक एगो झील बन गइल बा।

एह झील में पानी लगातार बढ़ रहल बा। अगर पानी एही तरह बढ़त रहल त फेर नेपाल में बाढ़ आ सकेला। चीन के चेतावनी बा कि अगिला बाढ़ पहिलका बाढ़ से भी ज्यादा खतरनाक हो सकेला।

एह खतरा के चलते तिब्बत-नेपाल बॉर्डर के आसपास रेस्क्यू अभियान रोकल गइल बा। नेपाल की ओर से भी बचाव दलन के लोगन के सुरक्षित जगह पहुंचावे पर जोर देवे के कहल गइल बा।

चीन के मुताबिक गिरिओंग बॉर्डर के नजदीक बनल झील के पानी अब ऊपर से बहे लागल बा।

सिचुआन में 5.1 तीव्रता के भूकंप

एह बीच चीन के सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक तिब्बत से सटल चीन के सिचुआन प्रांत के कुछ इलाका में 5.1 तीव्रता के भूकंप भी आइल।

हालांकि भूकंप के केंद्र बाढ़ प्रभावित इलाका से काफी दूर रहे। एह वजह से फिलहाल एकरा के नेपाल के बाढ़ से जोड़ के देखल नइखे जा रहल।

नेपाल पुलिस के अधिकारी पी. चौधरी के मुताबिक पानी के स्तर लगातार ऊपर जा रहल बा। उनका अनुसार अगर नया बाढ़ आइल त ओकर असर पहिलका बाढ़ से भी ज्यादा गंभीर हो सकेला।

एह खतरा के देखते प्रभावित इलाका से लोगन के सुरक्षित जगह पर ले जाए के काम जारी बा।

फिलहाल नेपाल के सामने एक साथ कई चुनौती बा—फ्लैश फ्लड से मचल तबाही, सैकड़ों लोगन के लापता होखल, विदेशी नागरिकन से टूटल संपर्क आ अब सीमा के लगे बढ़त झील के पानी से दोबारा बाढ़ के खतरा।

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