Categories

सभी भोजपुरी साहित्यभोजपुरी गीतकवितादेखिएभोजपुरी कहानीग़ज़लहिंदी साहित्यमुक्तकभोजपुरी सनीमाई-पत्रिकालघुकथाव्यंग्य

थोड़ी हया तो होनी चाहिए आँखों में

110 Views • अप्रैल 24, 2026

थोड़ी हया तो होनी चाहिए आँखों में
थोड़ी तमीज़ तो होनी चाहिए बातों में

रुतबा किसका कितना है क्या करना
रास्ते तो गीले हो ही जाते हैं बरसातों में

थोड़ा लहज़ा संभाला करें तो अच्छा है
नफ़रत में घर तक जल जाते हैं बातों में

फ़ुर्सत किसको है किसी से मुलाक़ात की
यहां चेहरे तक पहचाने जाते हैं हालातों में

थोड़ा नरमी रखा करिए ‘बिना रंग बदले
फिर देखिए लोग भीग जाते हैं जज़्बातों में

Comments