भँवर में डूबियो के आदमी उबर जाला

मनोज भावुक

10 अप्रैल, 2026

भँवर में डूबियो के आदमी उबर जाला
मरे के बा तऽ ऊ दरिया किनारे मर जाला

पता ई बा कि महल ना टिके कबो अइसन
तबो त रेत प बुनियाद लोग धर जाला

जमीर चीख के सौ बार रोके-टोकेला
तबो त मन ई बेहया गुनाह कर जाला

बहुत बा लोग जे मरलो के बाद जीयत बा
बहुत बा लोग जे जियते में, यार, मर जाला

अगर जो दिल में लगन, चाह आ भरोसा बा
कसम से चाँद भी अँगना में तब उतर जाला

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मनोज भावुक

कवि-गीतकार

"मनोज भावुक (जन्म 2 जनवरी 1976) भोजपुरी में लिखने वाले एक भारतीय कवि , अभिनेता, टेलीविजन प्रस्तुतकर्ता और पटकथा लेखक हैं, जो भोजपुरी सिनेमा में सक्रिय हैं । उन्हें फिल्मफेयर और फेमिना भोजपुरी आइकॉन्स द्वारा "साहित्य में उत्कृष्ट योगदान" की श्रेणी में सम्मानित किया गया है। उन्होंने कई पुरस्कार विजेता पुस्तकें लिखी हैं। वे भोजपुरी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देते हैं"

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