हमरा बलमु जी के बड़ी-बड़ी अँखिया से,
चोखे-चोखे बाड़े नयना कोर रे बटोहिया।
ओठवा त बाड़े जइसे कतरल पनवा से,
नकिया सुगनवा के ठोर रे बटोहिया।
दँतवा ऊ सोभे जइसे चमके बिजुलिया से,
मोंछियन भँवरा गुँजारे रे बटोहिया।
जरूर पढ़ें
धूप चटके त अमृत के निसानी चाहीं
प्रीति के रीति सबके पता हो गइल
दिल कइसे तोहसे हम लगाईं, दिल चुरा लिहलस केहू
मथवा में सोभे रामा टेढ़ी कारी टोपिया से,
रोरी बूना सोभेला लिलार रे बटोहिया।।