पुरवइया

हमरा बलमु जी के बड़ी-बड़ी अँखिया से

हमरा बलमु जी के बड़ी-बड़ी अँखिया से,चोखे-चोखे बाड़े नयना कोर रे बटोहिया। ओठवा त बाड़े जइसे कतरल पनवा से,नकिया सुगनवा के ठोर रे बटोहिया। दँतवा…
भिखारी ठाकुर 8 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 08:59 IST)

हमरा बलमु जी के बड़ी-बड़ी अँखिया से,
चोखे-चोखे बाड़े नयना कोर रे बटोहिया।


ओठवा त बाड़े जइसे कतरल पनवा से,
नकिया सुगनवा के ठोर रे बटोहिया।


दँतवा ऊ सोभे जइसे चमके बिजुलिया से,
मोंछियन भँवरा गुँजारे रे बटोहिया।


मथवा में सोभे रामा टेढ़ी कारी टोपिया से,
रोरी बूना सोभेला लिलार रे बटोहिया।।

होम कवि सम्मेलन वीडियो शब्दकोश अकाउंट