प्रीति के रीति सबके पता हो गइल
आजु अइसन भइल का खता हो गइल
साँस अचके फँसल नेह के डोर में
लाज लागल त साँचो वफ़ा हो गइल
डोर छूटल कलम हाथ से छू गइल
आजु लिखलस कलम ऊ दफा हो गइल
कैद से आज उनका मिलल मौसमी
देखि मौसम सुहानी खफा हो गइल
बाति सारा जगत के पता चल गइल
नाम से तोहरा जब नफा हो गइल
