सगरो देहियां फूला देले बाटे।
कांचे निनिया जगा देले बाटे।
हाथ गोड़ केतनो पटकनी हंँ दादा,
जगे जगे सूई चुभा देले बाटे।
भनर-भनर कइले बा काने में आ के,
फेरा में अइसन फंसा देले बाटे।
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अनपढ़ जाहिल सरकार हो,जिनिगिया बेकार मोर कइले
फेल भइल आल-आउट, क्वायल प्रोटक्शन,
गतर-गतर दँतवा हला देले बाटे।
कइले बा सगरो तबाह मोरा जिनगी
राती भर मच्छर मुँआ देले बाटे।