बुढ़ापा एक दिन अइबे करी

राम सागर सिंह 0 Subscribers
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@ramsagar • 31 Views • 15 मई, 2026

बुढ़ापा एक दिन अइबे करी
बचपन गइल, जवानी आइल,
उहो एक दिन जइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाईं,
बुढ़ापा एक दिन अइबे करी!

केतनो दुध मलिदा खाईं,
काजु किशमिश रोज चबाईं,
खिलल देह खिलले ना रही,
एक दिन इ सूख जइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाईं,
बुढ़ापा एक दिन अइबे करी!

कवनो पाउडर क्रीम लगाईं,
रोज रोज मेकअप करवाईं,
ढ़ल जाई चेहरा के पानी,
एक दिन इ मुरझइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाई,
बुढ़ापा एक दिन अइबे करी!

अपने पर इतराइल छोड़ीं,
रुपवा देख धधाइल छोड़ीं
रामसागर कुछ खबर ना लागी,
चाम हऽ ई झुल जइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाईं,
बुढापा एक दिन अइबे करी!

©️✍️: रामसागर सिंह
सिवान, बिहार
M: 8156077577

Purvaiya
राम सागर सिंह @ramsagar

बुढ़ापा एक दिन अइबे करी
बचपन गइल, जवानी आइल,
उहो एक दिन जइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाईं,
बुढ़ापा एक दिन अइबे करी!

केतनो दुध मलिदा खाईं,
काजु किशमिश रोज चबाईं,
खिलल देह खिलले ना रही,
एक दिन इ सूख जइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाईं,
बुढ़ापा एक दिन अइबे करी!

कवनो पाउडर क्रीम लगाईं,
रोज रोज मेकअप करवाईं,
ढ़ल जाई चेहरा के पानी,
एक दिन इ मुरझइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाई,
बुढ़ापा एक दिन अइबे करी!

अपने पर इतराइल छोड़ीं,
रुपवा देख धधाइल छोड़ीं
रामसागर कुछ खबर ना लागी,
चाम हऽ ई झुल जइबे करी,
चाहे कवनो जुगत भिड़ाईं,
बुढापा एक दिन अइबे करी!

©️✍️: रामसागर सिंह
सिवान, बिहार
M: 8156077577

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